Connect with us

Business

फर्जी बिल लगा कर न करे टेक्स से बचने कि गुस्ताखी पर होगा तगड़ा जुर्माना

Published

on

आगामी वित्त वर्ष नजदीक आते आते हर इंसान टेक्स से बचने की गुस्ताखी करता है जिसके चलते लोग कर चोरी के लिए फर्जी बिलो का भी भरपूर प्रयोग करते है लेकिन अब ऐसा कर पाना उतना आसान नहीं होगा||

अगर आप कर चोरी के लिए कुछ ऐसा करने का सोच रहे है तो ऐसी गुस्ताखी न करे क्योकि आपके खिलाफ हो सकती कड़ी कानूनी कार्यवाही|

एक किरायदार को किराया भरने पर भी राहत मिलती है। लेकिन जब आप 1 लाख रुपये से अधिक का किराया भरते हैं तो मकान मालिक का पैन कार्ड आपको देना होगा।

Image result for income tax

एक बात हमेशा ध्यान रखे ,यदि आप अपनी आय छुपाने का प्रयास कर रहे है या अपनी आय को घटा कर दर्शा रहे है टेक्स से बचने की गुस्ताखी कर रहे है तो आप पर आईटी एक्ट के सेक्शन 270A(1) के तहत 50 फीसद तक का जुर्माना हो सकता है और आपने टेक्स बचाने के लिए अपनी आय को दर्शाने में पारदर्शिता नहीं रखी है तो यही जुर्माना राशि बढ़कर 200 फीसदी या इससे अधिक भी हो सकती है|

इसलिए अपने लेनदेन को हमेशा पारदर्शी बनाये रखे और जहां तक हो सके अपना कोई भी भुगतान नेट बैंकिंग ,पेटीएम ,एटीएम ,या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ही करे जिससे कि खर्च का स्पष्टीकरण सरलता से आप दे सके|

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Business

पेट्रोल के दामों में आई गिरावट, डीजल के दाम हैं स्थिर

Published

on

petrol-diesel

देश में हर रोज बढ़ती मंहगाई से हर कोई परेशान चल रहा है। हर दिन पेट्रोल और डीजल के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिससे आम जनता बेहद ही परेशान चल रही है। आए दिन पेट्रोल और डीजल के दाम घटते और बढ़ते रहते हैं। सुबह 6 बजे से पेट्रोल-डीजल का नया दाम लागू कर दिया जाता है। डीलर कमीशन, एक्साइज ड्यूटी और बाकि का सब जोड़ देने के बाद पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब दोगुना ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है।

बता दें कि अमेरिकी डॉलर का क्रूड ऑयल की कीमत, एक्सचेंज रेट और ईंधन की मांगों के साथ कई अन्य चीजें भी काफी ज्यादा प्रभावित होती रहती हैं। इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमत जब भी बढ़ती है। तो फिर ऐसे में भारत में भी इनका दाम काफी बढ़ता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव पर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें हमेशा निर्भर करती हैं। तेल की खपत का बेहद बड़ा हिस्सा इससे आयात होता है।

आज 29 जुलाई को पेट्रोल के दाम में गिरावट देखने को मिली है। तो वहीं डीजल के नाम स्थिर हैं। आइए इन चार बड़े शहरों में आज के पेट्रोल और डीजल के दामों के बारे में जानते हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 73.14 रुपये प्रति लीटर है। वहीं पेट्रोल की कीमत चेन्नई में घटकर 75.96 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 78.75 रुपये और कोलकाता में 75.75 रुपये प्रति लीटर है।

इसके अलावा बाकि के अन्य बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत इतनी है। इलाहाबाद में 72.45 रुपये प्रति लीटर, आगरा में 72.19 रुपये प्रति लीटर, भोपाल में 78.29 रुपये प्रति लीटर और अहमदाबाद में 70.52 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत है। वहीं डीजल की कीमत आगरा में 65.04 रुपये प्रति लीटर, इलाहाबाद में 65.35 रुपये प्रति लीटर और भोपाल में 69.51 रुपये प्रति लीटर है।

Continue Reading

Business

अब बड़े लेन के लिए जरूरी होगा आधार कार्ड

Published

on

aadahar card

इन दिनों सरकार कई सारी नई योजनाएं को लेकर काम कर रही है। जिससे सीधा असर आप पर पड़ेगा। हाल ही में सरकार एक योजना बना रही है। जिसके चलते आप सलाना अगर अपने बैंक खाते में एक निश्चित राशि जमा करवाते हैं या फिर निकालते हैं। तो फिर आपके द्वारा केवल पैन की जानकारी देना ही काफी नहीं होगा। बल्कि इसके लिए सरकार आपके आधार कार्ड को काफी जरूरी बना सकती है। इस कदम से सरकार का उद्देश्य केवल भारत की अर्थव्यवस्था में करेंसी के अधिक प्रवाह पर नकेल कसना ही है।

आपसे इसके लिए बायोमेट्रिक टूल या वन टाइम पासवर्ड (OTP) का इस्तेमाल भी करके केवाईसी करवा सकते हैं। सामने आई एक खबर के अनुसार इसका दायरा और भी बढ़ा दिया जाएगा। वहीं फाइनेंशल बिल में प्रस्तावित विधेयकों के मुताबिक इसकी वक्त सीमा से ज्यादा विदेशी करंसी की खरीद भी शामिल होगी। लेकिन मौजदा वक्त में  केवल पैन कार्ड ही इसके लिए दिया जाता है।

एक सूत्र ने इस मामले को लेकर जानकारी दी है कि किसी निश्चित मूल्य के प्रॉपर्टी लेन-देन को लेकर सिरफ आधार कार्ड या फिर पैन की जानकारी देना भी अधिक अनिवार्य नहीं होगा। एक वक्त पर प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के आधार पर प्रमाणीकरण की भी काफी ज्यादा जरूरत होगी। लेकिन सरकार की इस योजना के तहत छोटे लेन देन वालों को बिल्कुल भी परेशानी नहीं होगी।

आपको बता दें कि सूत्रों के मुताबिक इस तरह से सरकार इस व्यवस्था के अंतरगत एक सीमा तय करना चाहती है। जिस वजह से छोटे लेन-देन वालों को अभिक समस्या नहीं होगी। उन लोगों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा इससे उन लोगों को ट्रैक भी किया जा सकेगा जो कि एक निश्चित मूल्य से ज्यादा का लेन देन किया करते हैं।

Continue Reading

Business

जैम पोर्टल; तकीनीकी रूप से हो रहा सरकारी धन का दुरूपयोग

Published

on

Jam portal; technically occurring misuse of government money

दिल्ली : केंद्र सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना जैम पोर्टल में कुछ कंप्यूटर व्यवसायी सेंध लगा कर सरकारी धन का दुरूपयोग कर रहे है एवं अवैध ढंग से मुनाफा कमा रहे है. Jam portal; technically occurring misuse of government money

केंद्र सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना “जैम पोर्टल ” विभागीय आपूर्ति हेतु संचालित किया गया है जो की उत्तम उत्पाद एवं उचित मूल्य होने की पुष्टि करता है. केंद्र सरकार की यह योजना कई मायने में बहुत ही महत्वपूर्ण एवं कारगर है. जिससे छोटे बड़े सभी उत्पादकों को सरकार में अपनी उत्पाद की विक्री करना अति सरल हो गया है एवं पारदर्शिता की पुष्टि भी करती है.

गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस योजना केंद्र एवं प्रदेश सरकार दोनों पर लागू है. विभागों के लिए किसी भी सामान का क्रय करना अति सरल एवं पारदर्शी हो गया है परन्तु कुछ कंप्यूटर व्यवसायी इसमें भी सेंध लगा कर सरकारी धन का दुरूपयोग कर रहे है एवं अवैध ढंग से मुनाफा कमा रहे है.

कंप्यूटर आज भी आम जनमानस से पूर्णतः परिचित नहीं है जिसका लाभ कुछ व्यवसायी खूब उठा रहे है जो की बड़े ही तकनीकी ढंग से चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे है एवं धन उगाही कर रहे है.

Jam portal; technically occurring misuse of government money

Jam portal; technically occurring misuse of government money

इस तकनीकी चोरो पर थोड़ा प्रकाश डालते चले की किस प्रकार हो रहा है यह खेल. बताते चले की कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम होता है जिसके माध्यम से कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है जो की माइक्रोसॉफ्ट कंपनी बनाती है. जिस भी विभाग में कंप्यूटर की आपूर्ति की जाती है उसमे अधिकतर व्यवसायियों द्वारा ऑपरेटिंग सिस्टम की चोरी की जा रही है जैसा की सूत्रों से ज्ञात हुवा है की प्रति कंप्यूटर ये व्यवसायी लगभग दस हजार रूपये की हेराफेरी करते है एवं सरकार के धन का दुरूपयोग करते है.

मुख्य उत्पादक से डास मोड में कंप्यूटर क्रय कर अवैध ऑपरेटिंग सिस्टम प्रतिस्थापित कर देते है जिससे की उनका मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है और सरकार को करोड़ो रूपये का चपत लग रहा है. आपूर्ति से पूर्व उत्पाद का उचित जाँच न होना या निचले स्तर के कर्मचारियों की संलिप्तता होना निश्चित है.

Jam portal; technically occurring misuse of government money

जहां देश के प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार को रोकने का अथक प्रयास कर रहे है वही भ्र्ष्ट व्यवसायी अपने तकनीकी जानकारी के वदौलत अपनी बुद्धिमता का गलत इस्तेमाल कर सरकार को आर्थिक एवं गुणवत्ता का हानि पंहुचा रहे है. जबकि जैम पोर्टल एक ऐसी योजना है जिससे की सरकार प्रति वर्ष हजारो करोड़ रूपये बचाने का प्रयास कर रही है एवं छोटे व्यवसायियों को भी मौका दे रही है की वो अपने उत्पाद की विक्री सीधे सरकार को कर सके.

अब देखना यह है कि अधिकारी इस दुरूपयोग एवं सरकारी खजाने को बचाने में अपनी कितनी सहभागिता निभा रहे है अथवा उन भ्र्ष्ट व्यवसायियों के साथ संलिप्त हो कर केंद्र सरकार के इस उत्तम योजना को ठेंगा दिखा रहे है.

Continue Reading

Trending